प्रेगनेंसी में 1 दिन में कितने बादाम खाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Tue 7th Feb 2023 : 13:59

क्या प्रेग्रेंसी में बादाम खाना सही है? जान लें ये जरूरी बात

भीगे बादाम खाना सेहत के लिए ज्‍यादा लाभकारी होता है.
Pregnancy and Almonds: प्रेग्‍नेंसी में महिलाओं को हमेशा हेल्‍दी चीजें खाने की सलाह दी जाती है. ऐसे में बादाम भी बहुत पौष्टिक होते हैं और प्रेग्नेंट महिला को कई तरह के डिशेज में बादाम डालकर दिए जाते हैं ताकि मां और बच्‍चा दोनों तंदरुस्‍त रहें. लेकिन क्‍या आप जानते हैं प्रेग्नेंसी में बादाम किस तरह खाने चाहिए, कच्‍चे या भीगे. क्या बादाम प्रेग्‍नेंसी में खाना फायदेमंद है? आइए आपको बताते हैं कि प्रेग्‍नेंसी में बादाम खाने का सही तरीका क्‍या है.

प्रेग्नेंसी में बादाम खाने चाहिए या नहीं
Parenting Firstcry की खबर के अनुसार गर्भावस्‍था में कच्‍चे बादाम खाना सुरक्षित होता है. ये आयरन, कै‍ल्शियम, फोलिक एसिड और फाइबर जैसे पोषक तत्‍वों से युक्‍त होते हैं. हालांकि, अगर प्रेग्नेंट महिला को बादाम या किसी अन्‍य सूखे मेवे से एलर्जी है तो उन्‍हें बादाम खाने से बिल्कुल बचना चाहिए.

प्रेग्नेंसी में भीगे बादाम के फायदे
अगर आपको बादाम से एलर्जी नहीं है तो आप प्रेग्नेंसी के दौरान भीगे बादाम खा सकती हैं. भीगे बादाम पाचन में सुधार लाने वाले एंजाइम्‍स रिलीज करते हैं और बादाम को भिगोने से इसके पोषक तत्‍वों की मात्रा और अधिक बढ़ जाती है. रातभर भीगा बादाम खाने से पाचन ठीक से होता है. अगर आप बादाम का छिलका उतार कर खाती हैं तो ये और भी फायदा होता है क्‍योंकि इसके छिलके में टैनिन होता है जिसे पोषण के अवशोषण को कम करने के लिए जाना जाता है.

​कच्‍चे या भीगे बादाम कौन सा है फायदेमंद
वैसे तो कच्‍चे और भिगोकर दोनों तरह से ही बादाम फायदेमंद होते हैं लेकिन भीगे बादाम खाना सेहत के लिए ज्‍यादा लाभकारी होता है.

​प्रेग्नेंसी में बादाम खाने से क्या होता है?
पौधों में मौजूद फाइटिक एसिड सूखे मेवों और बीजों के लिए जीवन होता है लेकिन ये शरीर में आवश्‍यक खनिज पदार्थों के अवशोषण को धीमा कर देता है इसलिए ज्‍यादा फाइटिक एसिड मिनरल की कमी पैदा कर सकता है. रातभर बादाम को भिगोने से फाइटिक एसिड को निकालने में मदद मिलती है और फॉस्‍फोरस रिलीज होता है जो कि हड्डियों की सेहत और पाचन में सुधार के लिए फायदेमंद है.

​अच्‍छे एंजाइम होते हैं रिलीज
नमक के साथ बादाम भिगोने से एंजाइम को रोकने वाले तत्‍व नष्‍ट हो जाते हैं और लाभकारी एंजाइम्‍स रिलीज होते हैं जिससे कि बादाम में मौजूद विटामिनों की जैव-उपलब्‍धता बढ़ जाती है.


​टैनिन नष्‍ट हो जाता है
टैनिन से सूखे मेवों में हल्‍का पीला रंग और कड़वा स्‍वाद मिलता है. हालांकि, ये पानी में घुलनशील होता है इसलिए जब आप बादाम को पानी में भिगोते हैं तो उसका टैनिन निकल जाता है और कड़वा स्‍वाद भी कम हो जाता है. इससे बादाम मीठे लगने लगते हैं.

​​प्रेग्नेंसी में बादाम कब खाएं
आप प्रेग्नेंसी के पहले महीने से लेकर आखिरी माह तक बादाम खा सकती हैं. सुबह और शाम दोनों समय बादाम खाना सही रहता है लेकिन ज्यादा मात्रा में न खाएं.

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